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Delhi High Court did not interfere in the proposed Hanuman temple demolition | दिल्ली हाईकोर्ट प्रस्तावित हनुमान मंदिर विध्वंस में नहीं किया हस्तक्षेप

नई दिल्ली, 21 नवंबर (आईएएनएस)। दिल्ली उच्च न्यायालय ने शुक्रवार को उत्तरी दिल्ली नगर निगम द्वारा पुरानी दिल्ली के चांदनी चौक में एक हनुमान मंदिर के प्रस्तावित विध्वंस से संबंधित मामले में हस्तक्षेप करने से इनकार कर दिया।

हाईकोर्ट की एक खंडपीठ ने जस्टिस हेमा कोहली और सुब्रमण्यम प्रसाद ने कहा, हमें हस्तक्षेप के लिए उस आवेदन को देखने का कोई कारण नहीं है जो एक ही मुद्दे पर फिर से विचार करने और खारिज करने के प्रयास के अलावा कुछ नहीं है।

इसने कहा कि हस्तक्षेप के लिए अनुरोध आप सरकार की ओर से आना चाहिए। पीठ ने कहा, हस्तक्षेप के लिए आवेदन में किए गए अनुरोध को अस्वीकार कर दिया गया है। आवेदन खारिज कर दिया गया है।

पीठ ने कहा कि उच्च न्यायालय ने पिछले साल नवंबर में उपराज्यपाल (एलजी) की अध्यक्षता वाली एक धार्मिक समिति की सिफारिश को खारिज कर दिया था, ताकि मंदिर को अपने वर्तमान स्थल पर मौजूद रहने दिया जा सके।

यह आदेश तब पारित किया गया जब उच्च न्यायालय श्री मनोकामना सिद्ध श्रीहनुमान सेवा समिति, एक पंजीकृत सोसाइटी द्वारा दायर याचिका पर सुनवाई कर रहा था, जो रिट याचिका में हस्तक्षेप के लिए प्रार्थना कर रही थी।

उत्तरी दिल्ली नगर निगम द्वारा 31 अक्टूबर को मुख्य चंदानी चौक स्थित कटरा दुलिया में हनुमान मंदिर को ध्वस्त करने के प्रस्ताव पर आवेदक समाज नाराज था।

एसजीके

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