श्रीलंका में 8 जगहों पर सीरियल ब्लास्ट, 185 लोगों की मौत, 450 से ज्यादा घायल

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श्रीलंका में 8 जगहों पर सीरियल ब्लास्ट, 185 लोगों की मौत, 450 से ज्यादा घायल

श्रीलंका में 8 जगहों पर सीरियल ब्लास्ट, 185 लोगों की मौत, 450 से ज्यादा घायल

कोलंबो: श्रीलंका में तीन गिरजाघरों और तीन होटलों में एक के बाद एक कर विस्फोटों मरने वालों की संख्या बढ़कर 185 हो गई और 450 से ज्यादा लोग घायल हुए हैं। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। द्वीप राष्ट्र में यह अभी तक का सबसे भयावह हमला है। श्रीलंका की सरकार ने रविवार को शाम छह बजे से सोमवार की सुबह छह बजे तक समूचे देश में कर्फ्यू घोषित किया ।

श्रीलंका में गृहयुद्ध के अंत के बाद यह सबसे बड़ा खूनखराबा वाला दिन है। मृतकों में करीब नौ विदेशी शामिल हैं। पुलिस प्रवक्ता रूवन गुनासेखरा ने बताया कि ये विस्फोट स्थानीय समयानुसार पौने नौ बजे ईस्टर प्रार्थना सभा के दौरान कोलंबो के सेंट एंथनी चर्च, पश्चिमी तटीय शहर नेगेम्बो के सेंट सेबेस्टियन चर्च और बट्टिकलोवा के एक चर्च में हुए।

वहीं अन्य तीन विस्फोट पांच सितारा होटलों – शंगरीला, द सिनामोन ग्रांड और द किंग्सबरी में हुए। होटल में हुए विस्फोट में घायल विदेशी और स्थानीय लोगों को कोलंबो जनरल हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया है। श्रीलंका के आर्थिक सुधार एवं लोक वितरण मंत्री हर्षा डी सेल्वा ने बताया कि धमाकों में विदेशी नागरिकों सहित कई लोग हताहत हुए हैं। अस्पाल से जुडे़ सूत्रों ने बताया कि कोलंबो में 45, नेगेम्बो में 90 और बट्टिकलोवा में 27 लोगों की मौत हो गई। वहीं 450 से अधिक लोग धमाकों में घायल हुए हैं।

उन्होंने बताया कि कोलंबो नेशनल हॉस्पिटल में मौजूद 45 शवों में से नौ की पहचान विदेशी नागरिकों के तौर पर हुई है। इनमे कुछ अमेरिकी और ब्रिटिश हैं। कोलंबो नेशनल हॉस्पिटल के प्रवक्ता डॉक्टर समिंदि समराकून ने बताया कि 300 से ज्यादा घायल लोगों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

वहीं बट्टिकलोवा अस्पताल के प्रवक्ता डॉक्टर कलानिधि गणेशालिंघम ने बताया कि सेंट माइकल चर्च के 100 से ज्यादा घायल लोगों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। इस हमले की जिम्मेदारी अभी तक किसी समूह ने नहीं ली है। श्रीलंका में पूर्व में लिट्टे (एलटीटीई) ने कई हमले किए हैं। हालांकि 2009 में लिट्टे का खात्मा हो गया।

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राष्ट्रपति मैत्रीपाला सिरिसेना ने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की है। सिरिसेना ने कहा, ‘‘ मैं इस अप्रत्याशित घटना से सदमे में हूं। सुरक्षाबलों को सभी जरूरी कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं।” प्रधानमंत्री रानिल विक्रमसिंघे ने इसे ‘‘कायराना हमला” बताते हुए कहा कि उनकी सरकार ‘‘स्थिति को नियंत्रण” में करने के लिए काम कर रही है।

उन्होंने ट्वीट किया,‘‘ मैं श्रीलंका के नागरिकों से दुख की इस घड़ी में एकजुट एवं मजबूत बने रहने की अपील करता हूं। सरकार स्थिति को काबू में करने के लिए तत्काल कदम उठा रही है।” हर्षा डी सेल्वा ने बताया कि श्रीलंका सरकार ने आपात बैठक बुलाई है। सभी आवश्यक आपातकालीन कदम उठाए गए हैं।

उन्होंने कहा, ‘‘ बेहद भयावह दृश्य, मैंने लोगों के शरीर के अंगों को इधर-उधर बिखरे देखा। आपातकालीन बल सभी जगह तैनात हैं।” कोलंबो में भारतीय उच्चायुक्त ने ट्वीट किया, ‘‘ विस्फोट आज कोलंबो और बट्टिकलोवा में हुए।

हम स्थिति लगातार नजर रख रहे हैं। भारतीय नागरिक किसी भी तरह की सहायता, मदद और स्पष्टीकरण के लिए इन नंबरों पर फोन कर सकते हैं- +94777903082, +94112422788, +94112422789 ।” उच्चायुक्त ने अन्य एक ट्वीट में लिखा, ‘‘ दिए गए नंबरों के अलावा भारतीय नागरिक किसी भी सहायता व मदद और अन्य किसी स्पष्टीकरण के लिए +94777902082, +94772234176 नंबरों पर फोन कर सकते हैं।”

भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी समेत कई बड़े नेताओं ने इस घटना की कड़ी निंदा की ।और ट्वीट के जरिए अपना दुख प्रकट किया। विदेश मंत्रालय ने श्रीलंका में हुए सिलसिलेवार विस्फोटों की कड़ी निंदा की करते हैं, जिसमें कई लोग मारे गए हैं और घायल हुए हैं। हम पीड़ितों के परिवारों और श्रीलंका के लोगों और सरकार के प्रति अपनी गहरी संवेदना व्यक्त करते हैं।

भारतीय विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने कहा है कि वे भारतीय उच्चायोग के संपर्क में हैं। उच्चायोग की तरफ से हेल्पलाइन नंबर 94777903082 जारी किया गया है। घटना के बारे में बताया जाता है कि आतंकवादियों ने खासकर ईसाई समुदायों की निशाना बनाया। आतंकवादियों की कोशिश थी कि वे अधिक से अधिक विदेशियों को निशाना बना सकें। भारत ने अपनी तरफ से इस आतंकी घटना पर हर तरफ से मदद की पेशकश की है।

राजधानी कोलंबो के कोच्चीकेड में सेंट एंथोनी चर्च के पास और कटुवापिटिया, कटाना में दो विस्फोट हुए हैं। विदेश मंत्रालय ने श्रीलंका में हुए सिलसिलेवार विस्फोटों की कड़ी निंदा की करते हैं, जिसमें कई लोग मारे गए हैं और घायल हुए हैं। हम पीड़ितों के परिवारों और श्रीलंका के लोगों और सरकार के प्रति अपनी गहरी संवेदना व्यक्त करते हैं। घटना की गंभीरता को देखते हुए भारतीय उच्चायोग ने भी अपनी तरफ से हेल्पलाइन नंबर्स जारी किए हैं। साथ ही फिलहाल श्रीलंका में गए भारतीयों को सतर्क रहने की हिदायत दी गई है।

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