इस महाशिवरात्रि को शिवलिंग पर चढ़ाएं इसके पत्ते, सभी मनोकामना होगी पूर्ण

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इस महाशिवरात्रि को शिवलिंग पर चढ़ाएं इसके पत्ते, सभी मनोकामना होगी पूर्ण

इस महाशिवरात्रि को शिवलिंग पर चढ़ाएं इसके पत्ते, सभी मनोकामना होगी पूर्ण

शिवलिंग पर क्या चढ़ाने से, किस प्रकार का लाभ मिलता है? यह शिवपुराण में विस्तार से वर्णित है। शिव पुराण के अनुसार किस द्रव्य से अभिषेक करने से क्या फल मिलता है, अर्थात आप जिस उद्देश्य की पूर्ति हेतु रुद्राभिषेक करा रहे हैं, उसके लिए किस द्रव्य का इस्तेमाल करना चाहिए इस का उल्लेख शिव पुराण में विस्तार से किया गया है।

ज्योतिष में नौ ग्रह बताए गए हैं, इन नौ ग्रहों में शनि, राहु-केतु को क्रूर ग्रह माना गया है। इनकी वजह से कुंडली के सभी शुभ योगों का असर खत्म हो सकता है। इन ग्रहों के दोष दूर करने के लिए शिवजी की पूजा करनी चाहिए। शिवपुराण के अनुसार शिव पूजा में फूल-पत्तियां चढ़ाने का विशेष महत्व है। शिवलिंग बिल्व पत्र तो सभी चढ़ाते हैं, लेकिन इसके साथ ही शमी के पत्ते भी शिवलिंग पर अर्पित करना चाहिए।

शमी पत्तों का काफी अधिक महत्व बताया गया है। ये वृक्ष पूजनीय और पवित्र है। घर में शमी का वृक्ष लगाने से शनि के सभी दोषों से मुक्ति मिल सकती है। इसके साथ ही शमी के पत्ते शिवलिंग पर चढ़ाने से सौभाग्य की कामना पूरी हो सकती है। रोज सुबह शिव मंदिर जाएं और तांबे के लोटे में गंगाजल या पवित्र जल में गंगाजल, चावल, सफेद चंदन मिलाकर शिवलिंग पर ऊँ नम: शिवाय मंत्र बोलते हुए अर्पित करें।

तांबे के लोटे से जल चढ़ाने के बाद शिवलिंग पर चावल, बिल्वपत्र, सफेद वस्त्र, जनेऊ और मिठाई के साथ ही शमी के पत्ते भी चढ़ाएं। शमी पत्ते चढ़ाते समय ये मंत्र बोलें

अमंगलानां च शमनीं शमनीं दुष्कृतस्य च।
दु:स्वप्रनाशिनीं धन्यां प्रपद्येहं शमीं शुभाम्।।

शमी पत्र चढ़ाने के बाद शिवजी की धूप, दीप और कर्पूर से आरती कर प्रसाद ग्रहण करें। ये शुभ काम करते रहने से शनि, राहु-केतु के दोष दूर होते हैं। घर-परिवार में सुख-समृद्धि बनी रहती है। शमी के पेड़ के पत्तों को शिवलिंग पर चढ़ाने और शिव पूजा करने से मनुष्य जीवन के दुखों से मुक्ति प्राप्त करता है, और मोक्ष की प्राप्ति होती है।

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