भगवान श्रीहरि विष्णु के साथ रहते है यह दो भाई, जिन्हें लोग एक दुसरें का शत्रु मानते है

धर्म
भगवान श्रीहरि विष्णु के साथ रहते है यह दो भाई, जिन्हें लोग एक दुसरें का शत्रु मानते है

भगवान श्रीहरि विष्णु के साथ रहते है यह दो भाई, जिन्हें लोग एक दुसरें का शत्रु मानते है

भगवान श्रीहरि विष्णु सृष्टि के पालनहार है। उनके साथ वैकुण्ठ में माँ लक्ष्मी शेषनाग पर विराजमान है. भगवान विष्णु का वाहन गरुड़ है। इस वैकुण्ठ लोक में भगवान विष्णु के अनेक पार्षद भी रहते है जिनका स्वरूप भगवान विष्णु के जैसा ही है। दरअसल वैकुण्ठ में विराजमान शेषनाग और भगवान विष्णु के वाहन गरुड़ आपस में भाई है। उन दोनों के पिता एक ही है जिनका नाम ऋषि कश्यप है परंतु दोनों की माताएं अलग अलग है। भगवान शेषनाग की माता का नाम कद्रू है और गरुड़जी की माता का नाम विनता है।

इसे भी पढ़ें : द्रौपदी का ऐसा रहस्य जिसे सुनकर सभी पांडव हो गए थे हैरान, आप भी जानें

पुराणों के अनुसार विनता और कद्रू दोनों ही दक्ष प्रजापति की पुत्री है जिनका विवाह कश्यप ऋषि से हुआ था। वह दोनों एक दुसरे से द्वेष रखती थी। एक बार एक शर्त में विनता कद्रू से हार गई और उन्हें कद्रू की दासी बनना पड़ा था। हालांकि कद्रू ने छल पूर्वक वह शर्त जीती थी। अपनी माता को मुक्त करवाने के लिए पक्षिराज गरुड़ को इंद्र के साथ युद्ध करके नागों को अमृत देना पड़ा था। उस समय अनंत नाम के कद्रू के बड़े पुत्र ने अपनी माता के छल में साथ नहीं दिया था और वह तपस्या करने चले गए थे।

इसे भी पढ़ें : जानिये आपकी शादी लव मैरिज होगी या अरेंज

ब्रह्माजी उनकी तपस्या हुए और उन्हें भगवान विष्णु के साथ वैकुण्ठ में निवास करने का वरदान मिला था. उसी प्रकार गरुड़ ने भी भगवान विष्णु की तपस्या की थी और उनका वाहन बनकर उनके साथ रह रहे थे। वैसे तो पुराणों के अनुसार नाग और गरुड़ दोनों भाई ही है परंतु एक दुसरे के शत्रु भी है। वैसे में दोनों भाई एक साथ भगवान विष्णु के साथ वैकुण्ठ लोक में निवास करते है और नाग और गरुड़ को लोग शत्रु मानते है परंतु उनकी वहां पर कोई शत्रुता नहीं है।

अन्य खबरों के लिए हमें फेसबुक पर ज्वॉइन करें। आप हमें ट्विटर पर भी फॉलो कर सकते हैं

Facebook Comments

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *